Recd in mail from BK SEARCH LIGHT bksakaash@gmail.com
Easy is to get a place is someone's address book.
Difficult is to get a place in someone's heart.
Easy is to judge the mistakes of others
Difficult is to recognize our own mistakes
Easy is to talk without thinking
Difficult is to refrain the tongue
Easy is to hurt someone who loves us.
Difficult is to heal the wound...
Easy is to forgive others
Difficult is to ask for forgiveness
Easy is to set rules.
Difficult is to follow them...
Easy is to dream every night.
Difficult is to fight for a dream...
Easy is to show victory.
Difficult is to assume defeat with dignity...
Easy is to admire a full moon.
Difficult to see the other side...
Easy is to stumble with a stone.
Difficult is to get up...
Easy is to enjoy life every day.
Difficult to give its real value...
Easy is to promise something to someone.
Difficult is to fulfill that promise...
Easy is to say we love.
Difficult is to show it every day...
Easy is to criticize others.
Difficult is to improve oneself...
Easy is to make mistakes.
Difficult is to learn from them...
Easy is to weep for a lost love.
Difficult is to take care of it so not to lose it.
Easy is to think about improving.
Difficult is to stop thinking it and put it into action...
Easy is to think bad of others
Difficult is to give them the benefit of the doubt...
Easy is to receive
Difficult is to give
Easy to read this
Difficult to follow
Easy is keep the friendship with words
Difficult is to keep it with meanings.
शनिवार, 3 अप्रैल 2010
शनिवार, 6 जून 2009
2 links on disability
Dear all
Me Shrikant Gadre from Pune
here are 2 links of short films subject is disability
I request you to watch it and if you like please forward it to all
your friends,
http://www.youtube. com/watch? v=nPf787sfn2E
http://www.youtube. com/watch? v=yv4DLrAYZ4s
You also reply me about the film at shrikantgadre@ gmail.com
my cell no is 9422000101
Me Shrikant Gadre from Pune
here are 2 links of short films subject is disability
I request you to watch it and if you like please forward it to all
your friends,
http://www.youtube. com/watch? v=nPf787sfn2E
http://www.youtube. com/watch? v=yv4DLrAYZ4s
You also reply me about the film at shrikantgadre@ gmail.com
my cell no is 9422000101
शुक्रवार, 24 अप्रैल 2009
All from BENAZEER
दिल में एक जाने-तमन्नाने जगाह पाई है।
आज गुलशन मे नही घर मे बहार आई हैं।।
आ गया मेरे तसव्वुर में कोई पर्दानशीं
आज हर चीज नजर आने लगी मुझको हसीं
क्या कहूँ मै बडी दिलकश मेरी तनहाई है।।
बहकी- बहकी नशा-ए-हुस्न में खोई खोई
जैसे खैय्याम की रंगीन रुबाई कोई
दिलके शीशे में परी बनके उतर आई है।।
हुस्न के सामने इजहारे-वफा है मुश्किल
काश छिपकर ही वो सुन ले मेरा अफसाना-ए-दिल
जिसने ये प्यार की मंजिल मुझे दिखलाई है।।
-------------------------------------
हुस्न की बहारें लिये आये थे सनम
ऐसी बदनसबी हुई मिल सके न हम।।
उनका करम भी आज सितम होके रह गये
एक नगमा था जो आज कही खोके रह गया
हल्की सी एक खुशी है तो हलका सा एक गम।।
------------------------------------------
मिल जा मिल जा मिल जा रे जाने जाना
----------------------------------------------
मुबारक है वो दिल जिसको किसीसे प्यार हो जाये
नजरवालोंसे छिपकर यार का दीदार हो जाये।
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आज गुलशन मे नही घर मे बहार आई हैं।।
आ गया मेरे तसव्वुर में कोई पर्दानशीं
आज हर चीज नजर आने लगी मुझको हसीं
क्या कहूँ मै बडी दिलकश मेरी तनहाई है।।
बहकी- बहकी नशा-ए-हुस्न में खोई खोई
जैसे खैय्याम की रंगीन रुबाई कोई
दिलके शीशे में परी बनके उतर आई है।।
हुस्न के सामने इजहारे-वफा है मुश्किल
काश छिपकर ही वो सुन ले मेरा अफसाना-ए-दिल
जिसने ये प्यार की मंजिल मुझे दिखलाई है।।
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हुस्न की बहारें लिये आये थे सनम
ऐसी बदनसबी हुई मिल सके न हम।।
उनका करम भी आज सितम होके रह गये
एक नगमा था जो आज कही खोके रह गया
हल्की सी एक खुशी है तो हलका सा एक गम।।
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मिल जा मिल जा मिल जा रे जाने जाना
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मुबारक है वो दिल जिसको किसीसे प्यार हो जाये
नजरवालोंसे छिपकर यार का दीदार हो जाये।
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खरा तो एकचि धर्म -- साने गुरुजी
खरा तो एकचि धर्म -- अनुवादाचे काम चालू आहे.
खरा तो एकचि धर्म -------------- एकही धर्म है सच्चा
जगाला प्रेम अर्पावे -------------- सभी को प्यार बाँटे हम -- (जगत् को प्यार दे पायें)To choose 1 of 2
जगी जे दीन अति पतित-------------- यहाँ जो दीन हैं - पतित
जगी जे दीन पद - दलित-------------- यहाँ जो दीन - पद - दलित
तया जाऊन उठवावे-------------- उन्हें जाकर उठाये हम ।
जगाला प्रेम अर्पावे-------------- सभी को प्यार बाँटे हम ॥
जयांना कोणी ना जगती-------------- जिन्हें कोई नही अपने
सदा जे अंतरी रडती-------------- दु:खी जो अपने अंतर में
तया जाऊन सुखवावे-------------- सुखी उनको कराये हम ।
जगाला प्रेम अर्पावे -------------- सभी को प्यार बाँटे हम॥
समस्ता धीर तो द्यावा-------------- कहीं धीरज बँधा पायें
सुखाचा शब्द बोलावा-------------- कभी हँसकर करें बातें
अनाथा साहय ते द्यावे-------------- अनाथोंको खुशी दें हम।
जगाला प्रेम अर्पावे -------------- सभी को प्यार बाँटे हम॥
सदा जे आर्त अति विकल------------ सदासे आर्त जो विकल
जयांना गांजती सकल-------------- गिराते हैं जिन्हे सबल
तया जाऊन हसवावे-------------- उन्हे चलकर हंसाये हम ।
जगाला प्रेम अर्पावे-------------- सभी को प्यार बाँटे हम ॥
कुणा ना व्यर्थ शिणवावे ---------- किसी को व्यर्थ ना छेडें
कुणा ना व्यर्थ हिणवावे---------- किसी को व्यर्थ ना कोसें
समस्ता बंधु मानावे ---------- हरेक को बंधु जानें हम।
जगाला प्रेम अर्पावे-------------- सभी को प्यार बाँटे हम ॥
प्रभूची लेकरे सारी ---------- प्रभू के ये सभी बच्चे
तयाला सर्वही प्यारी ---------- सभी उसके लिये प्यारे
कुणा ना तुच्छ लेखावे ---------- तुच्छता ना दिखायें हम।
जगाला प्रेम अर्पावे-------------- सभी को प्यार बाँटे हम ॥
जिथे अंधार औदास्य---------- अंधेरा हो उदासी का
जिथे नैराश्य आलस्य ---------- निराशा या कि आलस का
प्रकाशा तेथ नव न्यावे ---------- उजाला ले के जायें हम।
जगाला प्रेम अर्पावे-------------- सभी को प्यार बाँटे हम ॥
असे जे आपणांपाशी ---------- जगत् से जो भी है पाया
असे जे वित्त वा विद्या ---------- कमाया है जो धन विद्या
सदा ते देतची जावे ---------- उन्हे सबपर लुटायें हम।
जगाला प्रेम अर्पावे -------------- सभी को प्यार बाँटे हम
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खरा तो एकचि धर्म -------------- एकही धर्म है सच्चा
जगाला प्रेम अर्पावे -------------- सभी को प्यार बाँटे हम -- (जगत् को प्यार दे पायें)To choose 1 of 2
जगी जे दीन अति पतित-------------- यहाँ जो दीन हैं - पतित
जगी जे दीन पद - दलित-------------- यहाँ जो दीन - पद - दलित
तया जाऊन उठवावे-------------- उन्हें जाकर उठाये हम ।
जगाला प्रेम अर्पावे-------------- सभी को प्यार बाँटे हम ॥
जयांना कोणी ना जगती-------------- जिन्हें कोई नही अपने
सदा जे अंतरी रडती-------------- दु:खी जो अपने अंतर में
तया जाऊन सुखवावे-------------- सुखी उनको कराये हम ।
जगाला प्रेम अर्पावे -------------- सभी को प्यार बाँटे हम॥
समस्ता धीर तो द्यावा-------------- कहीं धीरज बँधा पायें
सुखाचा शब्द बोलावा-------------- कभी हँसकर करें बातें
अनाथा साहय ते द्यावे-------------- अनाथोंको खुशी दें हम।
जगाला प्रेम अर्पावे -------------- सभी को प्यार बाँटे हम॥
सदा जे आर्त अति विकल------------ सदासे आर्त जो विकल
जयांना गांजती सकल-------------- गिराते हैं जिन्हे सबल
तया जाऊन हसवावे-------------- उन्हे चलकर हंसाये हम ।
जगाला प्रेम अर्पावे-------------- सभी को प्यार बाँटे हम ॥
कुणा ना व्यर्थ शिणवावे ---------- किसी को व्यर्थ ना छेडें
कुणा ना व्यर्थ हिणवावे---------- किसी को व्यर्थ ना कोसें
समस्ता बंधु मानावे ---------- हरेक को बंधु जानें हम।
जगाला प्रेम अर्पावे-------------- सभी को प्यार बाँटे हम ॥
प्रभूची लेकरे सारी ---------- प्रभू के ये सभी बच्चे
तयाला सर्वही प्यारी ---------- सभी उसके लिये प्यारे
कुणा ना तुच्छ लेखावे ---------- तुच्छता ना दिखायें हम।
जगाला प्रेम अर्पावे-------------- सभी को प्यार बाँटे हम ॥
जिथे अंधार औदास्य---------- अंधेरा हो उदासी का
जिथे नैराश्य आलस्य ---------- निराशा या कि आलस का
प्रकाशा तेथ नव न्यावे ---------- उजाला ले के जायें हम।
जगाला प्रेम अर्पावे-------------- सभी को प्यार बाँटे हम ॥
असे जे आपणांपाशी ---------- जगत् से जो भी है पाया
असे जे वित्त वा विद्या ---------- कमाया है जो धन विद्या
सदा ते देतची जावे ---------- उन्हे सबपर लुटायें हम।
जगाला प्रेम अर्पावे -------------- सभी को प्यार बाँटे हम
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मंगलवार, 7 अप्रैल 2009
The blog एक शाम मेरे नाम by manish kumar
एक शाम मेरे नाम A wonderful blog by manishkmr1111@yahoo.com
This blog allows you to see video or listen to an audio of poems, poets, film songs, full of great emotions.
See the blog at
http://ek-shaam-mere-naam.blogspot.com/
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रविवार, 15 मार्च 2009
चैतराम पवार धुळे यांची यशोगाथा
ईसकाळ साठी दिलीप तिवारी यांनी केलेले फिल्मांकन
http://www.youtube.com/watch?v=p4Y86upcdUU&NR=1
http://www.youtube.com/watch?v=p4Y86upcdUU&NR=1
शनिवार, 14 फ़रवरी 2009
रहबरी का सवाल
Poet -- can anyone pl tell who ??
तू इधर उधर की न बात कर, ये बता कि कारवाँ क्यों लुटा ।
मुझे रहजनी से गिला नही, तेरी रहबरी का सवाल है ।।
तू इधर उधर की न बात कर, ये बता कि कारवाँ क्यों लुटा ।
मुझे रहजनी से गिला नही, तेरी रहबरी का सवाल है ।।
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